छत्तीसगढ़
11 Mar, 2026

रायपुर में 13 मार्च से आयोजित होगा आदि परब ‘परम्परा से पहचान तक’

रायपुर में 13 और 14 मार्च को आयोजित होने वाले आदि परब में जनजातीय कला, संस्कृति, वेशभूषा, हस्तशिल्प और पारम्परिक विरासत से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

रायपुर, 11 मार्च।

नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में 13 और 14 मार्च को आदि परब ‘परम्परा से पहचान तक’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम आदिम जाति विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

आदिम जाति विभाग के अधिकारियों के अनुसार जनजातीय समाज की रचनात्मकता, जीवन-दर्शन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा जनजातीय कला, संस्कृति और परम्पराओं को समर्पित आदि परब 2026 का आयोजन किया जा रहा है।

इस आयोजन के अंतर्गत ‘आदि रंग’ के माध्यम से जनजातीय चित्रकारों की कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। वहीं ‘आदि परिधान’ के जरिए जनजातीय वेशभूषा पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। ‘आदि आख्यान’ के अंतर्गत जनजातीय विषयों पर सेमीनार आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा ‘आदि हाट’ में जनजातीय शिल्पकारों द्वारा तैयार हस्तशिल्प और पारम्परिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। साथ ही जनजातीय संस्कृति और परम्पराओं से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।