प्रयागराज में भगवान श्री जगन्नाथ जी के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने आत्मिक चेतना, सामाजिक एकता और बेटियों के सशक्तिकरण पर जोर दिया। संगम तट पर शांति, संस्कृति और स्वच्छता का संदेश।
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पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6