वाराणसी, 16 फ़रवरी।
महाशिवरात्रि पर्व के दूसरे दिन सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। महापर्व पर लगातार 45 घंटे मंदिर भक्तों के लिए खुला रहा।
दरबार में चारों प्रहर की आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु धाम परिसर से लेकर बांसफाटक तक कतारबद्ध रहे। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर के छह द्वारों से श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया गया। मंगला आरती के बाद दर्शन का सिलसिला जारी रहा। मंदिर न्यास के अनुसार रात 10.30 बजे तक लगभग 6 लाख 09 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सोमवार भोर तक यह संख्या आठ लाख से अधिक होने का अनुमान है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दर्शनार्थियों की संख्या कम रही। 2025 में महाशिवरात्रि पर 45 घंटे में 12 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इसका मुख्य कारण महाकुंभ का पलट प्रवाह माना गया।
महापर्व पर मंदिर के गर्भगृह के बाहर भक्तों ने बेलपत्र, मदार, धतुरा और जल अर्पित कर अखंड श्रद्धा दिखाई। आधी रात के बाद पूरे मंदिर पर हर-हर महादेव और बम-बम के उद्घोष गूंजते रहे। यही दृश्य जिले के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों और छोटे-बड़े शिवालयों में भी देखने को मिला।



