हरिद्वार/वृंदावन, 02 मार्च।
श्री पंच दश नाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमंहत हरि गिरि महाराज के निर्देशानुसार स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी महाराज ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए अपना अभियान आरंभ किया। सोमवार को महाराज ने हरिद्वार स्थित माया देवी और श्री आनंद भैरव भगवान की पूजा अर्चना के बाद मथुरा-वृंदावन की ओर प्रस्थान किया।
वृंदावन धाम पहुंचने पर संत समाज, आचार्यगण और हजारों श्रद्धालुओं ने महाराज का भव्य स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार, पुष्पवर्षा, शंखनाद और जयघोष के बीच उनका अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेली और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव तथा जय श्रीकृष्ण के उद्घोष से गूंज उठा।
महाराज ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय संवेदनशील है। यूजीसी के नाम पर वैचारिक संघर्ष और नशा फैलाव युवा वर्ग को प्रभावित कर रहा है। पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी परंपराओं पर हावी हो रहा है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने संत समाज से आग्रह किया कि समाज में जागरूकता बढ़ाई जाए, भेदभाव समाप्त हो, नशा उन्मूलन अभियान चले, गौ रक्षा के लिए सशक्त कानून बने और भारत विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो। सनातन धर्म का ध्वज विश्व में लहराने के लिए संस्कार, संयम और राष्ट्रप्रेम को आधार बनाना आवश्यक है।



