औरैया, 24 फरवरी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद के भाग्यनगर क्षेत्र स्थित पीपरपुर गांव में मंगलवार को हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक एकता, समरसता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर विशेष बल दिया गया।
मुख्य वक्ता हरिश्चंद्र पोरवाल ने कहा कि वर्ण व्यवस्था जन्म के आधार पर नहीं, बल्कि कर्म के आधार पर मानी गई है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान होना चाहिए।
संघ के जिला प्रचारक अनूप ने ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर विस्तार से विचार रखते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता बताई। गिरीश तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार हाथ की पांचों उंगलियां मिलकर शक्ति प्रदान करती हैं, उसी प्रकार समाज के सभी वर्ग मिलकर राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं।
महिला शक्ति के रूप में ‘सक्षम’ की पदाधिकारी सुमन चतुर्वेदी ने महिलाओं से भारतीय सभ्यता और संस्कृति के अनुरूप आचरण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामबाबू दोहरे ने की तथा संचालन इंद्रपाल पाल ने किया। आयोजन की जिम्मेदारी रामू पांडेय और विकास पांडेय ने निभाई।
इस अवसर पर मुन्नू कुशवाहा, सुभाष दीक्षित, गुड्डन तिवारी, नारायण सिंह, सुभाष तिवारी, हरिओम, शिवकांत, उत्सुक, राजीव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।



