नई दिल्ली, 07 मार्च 2026।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति आज राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने विज्ञान भवन में आयोजित ‘भारती-नारी से नारायणी’ महिला विचारकों के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्र सेविका समिति, भारतीय विद्वत परिषद और शरण्या के संयुक्त सहयोग से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार लखपति बिटिया योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, बिना गारंटी ऋण सुविधा और महिलाओं को रात्रि शिफ्ट में कार्य की अनुमति जैसे कदमों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से नारी शक्ति का सामाजिक और आर्थिक स्तर मजबूत हो रहा है।

सम्मेलन में राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांता कुमारी, अखिल भारतीय तरुणी प्रमुख विजया शर्मा, भारतीय विद्वत परिषद की कार्यदर्शी प्रो. शिवानी वी., शरण्या की अध्यक्ष अंजु आहूजा, सचिव प्रो. चारू कालरा तथा समाज सेविका डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार सहित कई गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
सम्मेलन में देशभर से लगभग 1500 महिला विचारक शामिल हुईं। महिला सांसदों, विश्वविद्यालयों की महिला कुलपतियों और महिला संतों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। साध्वी संगम सत्र में देशभर की महिला संतों ने भी भाग लिया।
सम्मेलन में विद्या, शक्ति, मुक्ति, चेतना, प्रकृति, संस्कृति, सिद्धि और कृति विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विद्या विषय के तहत महिलाओं की उच्च शिक्षा, बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की समस्या और आत्मरक्षा प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर चर्चा हुई। शक्ति विषय में आर्थिक आत्मनिर्भरता और वित्तीय साक्षरता पर विचार हुआ। मुक्ति विषय में घरेलू हिंसा और सामाजिक बंधनों से मुक्ति के उपायों पर मंथन किया गया।



