जगदलपुर, 09 मार्च।
छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बस्तर जिले के दरभा परियोजना अंतर्गत ग्राम कामानार की लच्छनदई बघेल इस योजना की सफलता की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने योजना से मिलने वाली छोटी राशि को अपने सूझबूझ से एक लाभकारी व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता हासिल की है।
लच्छनदई बघेल बताती हैं कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1,000 रुपये मिलते थे। उन्होंने इस राशि को तुरंत खर्च करने की बजाय जमा किया। 10 किश्तों के बाद 10,000 रुपये की पूंजी तैयार हुई और लच्छनदई ने इसका उपयोग गांव में एक छोटा होटल (नाश्ते की दुकान) शुरू करने के लिए किया।
होटल शुरू होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया। अब वे प्रतिदिन लगभग 500 रुपये का शुद्ध लाभ कमा रही हैं, जिससे उनकी मासिक आय बढ़ी है। इस अतिरिक्त आय का उपयोग वे अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में कर रही हैं। लच्छनदई की सफलता अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और वे उन्हें भी आर्थिक रूप से सबल होने की सलाह देती हैं। उन्होंने अपनी आत्मनिर्भरता और सकारात्मक बदलाव के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद किया है।


