28 फरवरी, रायपुर।
बस्तर क्षेत्र में महिलाओं का स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ता कदम अब साफ दिख रहा है। गीदम विकासखंड में आयोजित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण से प्रेरित होकर कई महिलाओं ने स्वरोजगार की दिशा में नए प्रयास शुरू किए हैं। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
गीदम की महिला उद्यमी रेणु पोटाम ने प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी टीम “महिला साहिता समूह” के साथ पत्तल और दोना निर्माण का कार्य शुरू किया। इस प्रशिक्षण में व्यवसाय प्रबंधन, लागत निर्धारण, ब्रांडिंग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम को इस योजना की नोडल एजेंसी बनाया गया है और प्रशिक्षण चॉइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उद्योग विभाग दंतेवाड़ा के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
रेणु पोटाम ने साल और अन्य वन पत्तों से पर्यावरण अनुकूल पत्तल और दोना बनाना शुरू किया है। स्थानीय बाजार और पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उनका उद्देश्य अधिक महिलाओं को रोजगार देना है। वे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण लेकर आधुनिक मशीनें भी खरीदने की योजना बना रही हैं।
इसी तरह लुनिता चिमनकर ने लघु वनोपज से पौष्टिक गोंद लड्डू बनाने का व्यवसाय शुरू किया, जबकि प्रेमलता यादव ने पारंपरिक मिठाइयों को व्यावसायिक पहचान दी। नगर पंचायत गीदम की सुचिता जैन ने बेकरी उत्पाद बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
उद्यमिता विकास कार्यक्रम ने गीदम क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिखी है। वन संपदा, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रशिक्षण के मिश्रण से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन रही हैं।



