नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026
देशभर के 52 हजार गांवों में आदिवासी और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम (एबीवीकेए) ने एक ऐतिहासिक पैन-इंडिया समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के तहत देश के आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्थित विकास कार्यक्रम लागू किए जाएंगे, जिससे सतत विकास, सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
इस एमओयू समारोह में वनवासी कल्याण आश्रम के महासचिव योगेश श्रीधर बापट, अंडर ट्रायल वेलफेयर एसोसिएशन (यूटीडब्ल्यूए) के अध्यक्ष दिगंत शर्मा, सौभाग्य योग साधना फाउंडेशन (एसवाईएसएफ) के प्रत्यूष शर्मा, भारत टैक्सप्लेयर प्लेटफार्म फाउंडेशन के सीए रवींद्र तुराखिया और टोरस सोशल फाउंडेशन (टीएसएफ) के विश्वास जाधव मौजूद रहे। प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत की पहचान उसके जनजातीय समाज में बसती है और यह समझौता सम्मान, भागीदारी और लंबे समय तक विकास की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह साझेदारी 15 साल की योजना के तहत स्थायी बदलाव लाने का लक्ष्य रखती है और इसके लिए मजबूत क्रियान्वयन ढांचा तैयार किया गया है।
इस समझौते के तहत आदिवासी छात्रावास और आवासीय शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं (मोबाइल मेडिकल यूनिट, चिकित्सा शिविर, टेलीमेडिसिन), ग्रामीण बुनियादी ढांचा और जल परियोजनाएं, रोजगार और आजीविका विकास, संवैधानिक अधिकार संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, सामुदायिक सुरक्षा और जागरूकता अभियान तथा संसाधन जुटाने की रणनीति पर काम किया जाएगा। इसके लिए बहु-स्तरीय राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी और परियोजनाओं के लिए सीएसआर, सरकारी अनुदान, दान और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।
इस पहल में आदिवासी उत्थान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संरक्षण में सक्रिय वनवासी कल्याण आश्रम, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास में सक्रिय एसवाईएसएफ, कानूनी पुनर्वास और सशक्तिकरण में काम करने वाला यूटीडब्ल्यूए, ग्रामीण विकास में योगदान देने वाला टीएसएफ तथा वित्तीय साक्षरता और आर्थिक सशक्तिकरण में सक्रिय बीटीडब्ल्यूपीएफ शामिल हैं।



