वाराणसी, 02 मार्च।
नाबालिग के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में द्वारका शारदापीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज सामने आए हैं। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।
स्वामी सदानंद सरस्वती ने बयान जारी कर कहा कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य पर लगाए गए आरोप असत्य हैं और यह एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है। उनके अनुसार, सनातन धर्म के आचार्यों को बदनाम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों से बयान दिलवाकर माहौल बनाया जा रहा है, लेकिन अंततः सत्य की ही जीत होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि देश का नेतृत्व धार्मिक मूल्यों वाला होना चाहिए। उनके मुताबिक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सिद्धांत, धर्म और सनातन परंपरा की बात करते हैं, जिसे राजनीतिक दल अपने हित से जोड़ लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातनी परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश पहले अंग्रेजों ने शुरू की थी और अब राजनीतिक दल उसी राह पर चल रहे हैं। इसके लिए उन्होंने पक्ष और विपक्ष दोनों को जिम्मेदार ठहराया।
गौहत्या के मुद्दे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रमुख विषय रहा है और इसी से ध्यान भटकाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि समय भले लगे, लेकिन यह कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चे साधु-संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में आएंगे, जबकि सत्ता को ही सत्य मानने वाले लोग अलग राह चुनेंगे।



