भीलवाड़ा, 19 फ़रवरी।
धर्मनगरी भीलवाड़ा गुरुवार को सनातन संस्कृति की भव्य छटा से जगमगा उठी। आठ दिवसीय सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का शुभारंभ विशाल मंगल कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और सनातन चेतना का जीवंत रूप बनकर शहरवासियों के दिलों में गूंज उठी।
श्री हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में शुरू हुई शोभायात्रा में संत समाज, धर्माचार्य और मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सुबह 9.15 बजे श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करती यात्रा में 1008 मातृशक्ति ने सिर पर कलश धारण कर अनुशासित पंक्तियों में चलकर नगरवासियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जयश्रीराम, वंदेमातरम् और राधे-राधे के उद्घोषों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
यात्रा में महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के साथ देश-प्रदेश के संत, महात्मा और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। शोभायात्रा के दौरान श्रीमद् भागवत ग्रंथ भी संतों द्वारा सिर पर धारण कर नगर भ्रमण में लाया गया, मानो वेद-पुराण स्वयं नगरवासियों को आशीर्वाद दे रहे हों।
गोल प्याऊ, सूचना केंद्र चौराहा, आजाद चौक और वीर सावरकर चौक होते हुए शोभायात्रा हरि शेवा आश्रम सनातन मंदिर परिसर स्थित पांडाल में पहुँची, जहाँ शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। अश्व सवार धर्मध्वज, भगवा ध्वज लहराती बेटियां और कलशधारी मातृशक्ति ने अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।
मंगल कलश यात्रा के साथ ही महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हो गए। विश्व शांति और लोककल्याण के लिए पंचकुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ, 108 भागवत मूल पाठ और शतचंडी पाठ का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन अखण्ड भगवदगीता, श्रीरामचरितमानस और रामनाम संकीर्तन चल रहा है। सायं 6 बजे गंगा आरती और 7 बजे रासलीला का आयोजन होगा।
25 फरवरी को सभी अनुष्ठानों की पूर्णाहुति होगी। 26 फरवरी को दीक्षा दान समारोह एवं संत समागम आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव ने स्पष्ट कर दिया कि सनातन संस्कृति केवल परंपरा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है और भीलवाड़ा की यह ऐतिहासिक शोभायात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए श्रद्धा, संस्कार और संस्कृति की अमिट मिसाल बन गई है।



