28 फरवरी, भीलवाड़ा।
भीलवाड़ा जिले में शाहपुरा उपखंड मुख्यालय को पुनः जिला बनाने की मांग को लेकर शनिवार को पूरे कस्बे में बंद रखा गया। शाहपुरा जिला बहाल करो संघर्ष समिति के आह्वान पर बाजार, प्रतिष्ठान और निजी संस्थान बंद रहे। अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया। काला दिवस के रूप में मनाए गए इस विरोध प्रदर्शन में सरकार के खिलाफ जनाक्रोश स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट दुर्गालाल राजौरा ने बताया कि नौ माह पहले जयपुर में हुई वार्ता में सरकार ने शाहपुरा को पुनः जिला बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि आमजन में निराशा और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दोपहर में महलों के चौक बालाजी की छतरी से वाहन रैली निकाली गई। रैली शांतिपूर्ण नारेबाजी करती हुई उपखंड कार्यालय पहुंची, जहां उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम नौवां स्मरणपत्र सौंपा गया। समिति महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि 28 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार ने शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त कर दिया था। तब से हर माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाकर सरकार को याद दिलाया जा रहा है।
संघर्ष समिति के संयोजक रामप्रसाद जाट, सूर्य प्रकाश ओझा, और अन्य पदाधिकारी जनता से समर्थन जुटाते नजर आए। समिति का कहना है कि जिला बनने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी और प्रशासनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही शाहपुरा को पुनः जिला घोषित नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि शाहपुरा की जनता का आंदोलन है और जिले का दर्जा बहाल होने तक हर माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाया जाएगा।



