देहरादून, 28 फरवरी।
ऐतिहासिक श्री झंडाजी मेला 25 फरवरी से शुरू हो गया है और यह 27 मार्च तक चलेगा। इस साल 8 मार्च को देहरादून स्थित दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज परिसर में श्री झंडाजी का विधिवत आरोहण होगा, जो इस वर्ष के मेले का आधिकारिक शुभारंभ माना जाएगा। मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सेवा भावना और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।
मेला समिति के अनुसार पूरे मेले में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, नगर परिक्रमा, भजन-कीर्तन और पारंपरिक रस्में संपन्न होंगी। 28 फरवरी और 1 मार्च को पैदल संगत का स्वागत किया जाएगा और भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित होंगे। 3 मार्च को होली पर्व मनाया जाएगा।
5 मार्च को झंडे के आरोहण के लिए पवित्र ध्वजदंड को संगत की ओर से लाया जाएगा। 7 मार्च को पूर्वी संगत का स्वागत और आशीर्वाद कार्यक्रम होगा। 8 मार्च को प्रातः श्री झंडाजी को स्नान कराकर और गिलाफ चढ़ाकर परंपरागत रूप से आरोहण किया जाएगा। 9 मार्च को श्रद्धालुओं का मत्था टेकने और आशीर्वाद प्राप्त करने का कार्यक्रम रहेगा। 10 मार्च को नगर परिक्रमा निकाली जाएगी और दोपहर 12 बजे पैदल संगत एवं महंतों को प्रसाद वितरण के साथ विदाई दी जाएगी।
मेले का समापन 27 मार्च को शहंशाही आश्रम में होगा। इस दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला देखने पहुंचेंगे, जिसके लिए सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता और यातायात जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
महंत देवेन्द्र दास महाराज ने मेला संचालन कमेटी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्री झंडाजी मेला श्रद्धा और गुरु परंपरा का जीवंत प्रतीक है। मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि दरबार परिसर को विद्युत सज्जा, पुष्प अलंकरण और भव्य प्रवेश द्वारों से सजाया गया है।
25 फरवरी को श्री दरबार साहिब से हुक्मनामा लेकर पुजारी बड़ागांव, हरियाणा रवाना हुए। वहां हरियाणा के श्रद्धालुओं की उपस्थिति में श्री झंडाजी का विधिवत आरोहण संपन्न हुआ। जयकारों और भजन-कीर्तन से क्षेत्र गुंजायमान रहा। इसके बाद पैदल संगत देहरादून की ओर प्रस्थान कर गई। 28 फरवरी को सहसपुर स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में संगत का स्वागत किया जाएगा और 1 मार्च को संगत देहरादून में प्रवेश करेगी। कांवली गांव और दर्शनी गेट पर बैंड-बाजों और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा।



