उज्जैन, 27 फरवरी।
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में होली के अवसर पर रंग-गुलाल ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। श्रद्धालु मंदिर परिसर और महाकाल लोक में होली नहीं खेल सकेंगे। 2 और 3 मार्च को कड़ी जांच के बाद ही भक्तों को प्रवेश दिया जाएगा।
यह निर्णय मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया। गत वर्ष धुलेंडी पर भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में आग लगने की घटना में पुजारी सहित लगभग 14 लोग झुलस गए थे। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए इस बार विशेष एहतियात बरतने का फैसला किया गया है।
जारी निर्देशों के अनुसार गर्भगृह, नंदी मंडप, गणेश मंडप, कार्तिकेय मंडप सहित संपूर्ण मंदिर परिसर और महाकाल लोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। रंग उड़ाना, किसी उपकरण से रंग फैलाना अथवा एक-दूसरे को रंग लगाना पूर्णतः वर्जित होगा।
भगवान महाकालेश्वर की त्रिकाल आरती के दौरान प्रत्येक आरती में एक-एक किलोग्राम हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। यह गुलाल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती, शयन आरती तथा शासकीय पुजारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिसकर्मी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी और बाह्य स्रोत से नियुक्त कर्मचारी भी रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं करेंगे।
सभी श्रद्धालुओं को अपने सामान की अनिवार्य जांच करानी होगी। सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात निरीक्षक और सुरक्षाकर्मी तलाशी लेंगे। मंदिर नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे परिसर की सतत निगरानी की जाएगी। किसी भी प्रकार के रंग या उपकरण के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाएगी।



