नैनीताल, 23 फरवरी।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के मार्गदर्शन में भीमताल स्थित एचजी डिग्री कॉलेज में महिलाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पॉश अधिनियम पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल की अवधारणा और उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराना था।
सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पारुल थपलियाल ने पॉश अधिनियम 2013 के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन 90 दिनों के भीतर अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि पीड़ित महिला घटना के तीन माह के भीतर लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है। जिन संस्थानों में 10 से कम कर्मचारी हैं, वहां शिकायत स्थानीय समिति के समक्ष की जा सकती है। उन्होंने यौन उत्पीड़न के अंतर्गत आने वाले व्यवहारों जैसे अवांछित शारीरिक संपर्क, अशोभनीय टिप्पणी और अश्लील सामग्री दिखाने को दंडनीय बताया। दोष सिद्ध होने पर चेतावनी, माफी या सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।
कार्यशाला में घरेलू हिंसा अधिनियम और महिला हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई। सब इंस्पेक्टर गुरविंदर कौर ने साइबर अपराधों पर जानकारी देते हुए डेटा चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और हैकिंग जैसी गतिविधियों को दंडनीय अपराध बताया। उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन और cybercrime.gov.in पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. मंजु नेगी, यशवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।



