पश्चिम बंगाल
12 Mar, 2026

गैस की कमी से तमलुक के बर्गभीमा शक्तिपीठ में 21 मार्च से भोग और प्रसाद सेवा स्थगित

पश्चिम बंगाल के तमलुक स्थित बर्गभीमा शक्तिपीठ में गैस की कमी के कारण 21 मार्च से भोग सेवा और प्रसाद वितरण को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

मेदिनीपुर, 12 मार्च।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते ऊर्जा संकट और आपूर्ति व्यवस्था में आई बाधाओं का असर अब पश्चिम बंगाल के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के ऐतिहासिक और पौराणिक शक्तिपीठ बर्गभीमा मंदिर में रसोई गैस की कमी के कारण 21 मार्च से श्रद्धालुओं के लिए भोग सेवा और प्रसाद वितरण अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है।

बुधवार देर शाम मंदिर प्रबंधन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार पिछले कुछ समय से व्यावसायिक गैस (कमर्शियल गैस) की आपूर्ति काफी कम हो गई है। बाजार में गैस सिलेंडरों की कमी और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण बढ़ती कीमतों के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले भक्तों के लिए भोग तैयार करना मुश्किल हो गया है।

प्रबंधन ने बताया कि जिन श्रद्धालुओं ने आने वाली तिथियों के लिए भोग या विशेष प्रसाद की अग्रिम बुकिंग कराई थी, उन्हें फोन के माध्यम से इसकी सूचना दी जा रही है। उनकी बुकिंग निरस्त कर दी गई है और जमा राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से इस परिस्थिति में सहयोग करने की अपील की है। गुरुवार से ही भोग वितरण में आंशिक कटौती लागू कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि तमलुक स्थित बर्गभीमा मंदिर देश के 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है। यहां स्थानीय लोगों के अलावा दूर-दराज के राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने पहुंचते हैं। भोग सेवा बंद होने की घोषणा से भक्तों में निराशा का माहौल है।

स्थानीय श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि गैस संकट के बीच मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक संस्थानों के लिए गैस का विशेष कोटा या वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि लंबे समय से चली आ रही परंपरा बाधित न हो।

मंदिर प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही गैस की आपूर्ति सामान्य होगी और बाजार की स्थिति स्थिर होगी, भोग सेवा को फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।