भोपाल, 12 मार्च।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र एमपी नगर में ज्योति टॉकीज चौराहे के पास धंसी सड़क की मरम्मत के दौरान बुधवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सीवेज लाइन सुधार कार्य के चलते ज्योति कॉम्प्लेक्स की लगभग 150 दुकानों में गंदा पानी भर गया, जिससे व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थिति को संभालने के लिए देर रात तक सुधार कार्य जारी रहा। गुरुवार को ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नगर निगम की टीम मौके पर निगरानी रखेगी। वहीं पुलिस ने इलाके में यातायात को डायवर्ट कर दिया है ताकि आवागमन प्रभावित न हो।
बताया जा रहा है कि सड़क मरम्मत के पहले दिन पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नाले का पानी रोक दिया था। इसके कारण सीवेज लाइन पर दबाव बढ़ गया और कुछ ही समय में गंदा पानी बेसमेंट और दुकानों में भरने लगा। ज्योति कॉम्प्लेक्स में कई मोबाइल शॉप और अन्य दुकानें बेसमेंट में स्थित हैं, जहां बदबू और तेजी से बढ़ते पानी के कारण दुकानदारों को दुकानें छोड़कर बाहर आना पड़ा। दुकानों में पानी भरने से नाराज व्यापारियों ने ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस जाने वाले एकमात्र रास्ते को भी बंद कर दिया। पहले से ही बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज की ओर जाने वाला मार्ग मरम्मत कार्य के कारण बंद है, ऐसे में दोनों दिशाओं में रास्ता बाधित होने से क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई।
जानकारी के अनुसार कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में पानी की निकासी के लिए चेंबर बनाए गए हैं, जिनसे सीवेज लाइन भी गुजरती है। नाले का पानी बंद होने के बाद सीवेज लाइन पर दबाव बढ़ गया और चेंबर ओवरफ्लो होकर गंदा पानी सीधे बेसमेंट में भर गया। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और टैंकरों की मदद से पानी को बाहर निकाला गया।
दरअसल, पिछले वर्ष तेज बारिश के दौरान एमपी नगर की मुख्य सड़क अचानक धंस गई थी। उस समय लगभग 8 फीट गहरा और 10 फीट चौड़ा गड्ढा बन गया था, जिसमें एक कार तक समा सकती थी। बाद में अस्थायी रूप से मरम्मत की गई थी, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने स्थायी समाधान के लिए पूरे हिस्से को दोबारा मजबूत करने का निर्णय लिया। दो-तीन बार टेंडर प्रक्रिया के बाद अब सड़क को स्थायी रूप से दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया गया है।



