कोलकाता, 27 फरवरी 2026।
कोलकाता केंद्रित समुद्री ढांचे को मजबूत करने और गंगा नदी के नीचे सुरंग निर्माण के प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। यह बात केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि समुद्री परिवहन और नाविकों के कल्याण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने पटना में मर्चेंटाइल मरीन विभाग कार्यालय और सीफेरर्स आउटरीच सेंटर का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन कोलकाता से वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय मंत्री ने किया। इस दौरान कोलकाता स्थित नाविक गृह समिति और मरीन क्लब के पुनर्निर्माण कार्य की भी शुरुआत की गई। साथ ही कोलकाता में सीफेरर्स भर्ती और कल्याण विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अधिकारियों के अनुसार पटना में मर्चेंटाइल मरीन विभाग कार्यालय खुलने से पूर्वी भारत के नाविकों को प्रमाणपत्र जारी करने, दस्तावेज सहायता, शिकायत निवारण और कल्याणकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी। इससे बिहार और आसपास के राज्यों के नाविकों को विशेष लाभ मिलेगा। संगोष्ठी में लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें नाविक, कैडेट, जहाज मालिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिप मैनेजर, आरपीएसएल कंपनियों के अधिकारी, श्रमिक संगठन और सरकारी प्रतिनिधि शामिल थे।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गंगा नदी के नीचे सुरंग निर्माण का प्रस्ताव श्यामाप्रसाद मुखर्जी पोर्ट प्राधिकरण के अध्यक्ष ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को सौंपा है। योजना के तहत कोलकाता से सांकराइल तक लगभग 15 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी, जिसमें लगभग सात किलोमीटर हिस्सा सुरंग के रूप में विकसित होगा। हालांकि इस परियोजना को अभी केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
हुगली जिले के बलागढ़ में जेटी निर्माण परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है। मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण और पर्यावरण से संबंधित सभी आवश्यक मंजूरियां मिल चुकी हैं और वर्तमान में पोर्ट प्राधिकरण की भूमि पर कार्य जारी है। कालादान मल्टीमॉडल ट्रांजिट परियोजना में कुछ चुनौतियों के कारण काम की गति धीमी है। मंत्री ने कहा कि समुद्री व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नाविकों और जहाज कर्मियों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।
एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण मतुआ समुदाय के किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा और नागरिक अधिकार सुरक्षित रहेंगे।


