उत्तराखंड
14 Mar, 2026

हल्द्वानी में पंद्रहवां किताब कौतिक: 80 हजार किताबों और साहित्यिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन

हल्द्वानी में 14 और 15 मार्च को आयोजित पंद्रहवें किताब कौतिक में लगभग 80 हजार पुस्तकें, साहित्यिक परिचर्चाएं, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देना और साहित्य प्रेमियों के लिए एक समृद्ध मंच प्रदान करना है।

हल्द्वानी, 14 मार्च

उत्तराखंड में पढ़ने-लिखने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंद्रहवां “हल्द्वानी किताब कौतिक” 14 और 15 मार्च को उत्थान मंच मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 80 हजार किताबें 50 प्रकाशकों द्वारा साहित्य प्रेमियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस वर्ष की थीम “नशामुक्त समाज और मानसिक स्वास्थ्य” रखी गई है। कार्यक्रम में प्रसिद्ध साहित्यकार और कलाकार भाग लेंगे। आयोजन में साहित्यिक परिचर्चा, बच्चों के लिए विज्ञान कोना, नेचर वॉक, साहसिक खेल, सांस्कृतिक संध्या, हस्त-शिल्प स्टाल्स और कई रोचक गतिविधियां शामिल होंगी। स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

कार्यक्रम के संयोजक दयाल पांडे ने बताया कि पूरे राज्य में अब तक 14 किताब कौतिक सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। हल्द्वानी में मार्च 2024 में भी “हल्द्वानी किताब कौतिक” का आयोजन हुआ था। इस वर्ष बच्चों द्वारा तैयार की गई हस्तलिखित पुस्तकें भी कौतिक में प्रदर्शित होंगी। इसके अतिरिक्त करियर काउंसलिंग, काव्य गोष्ठी और वॉल पेंटिंग जैसी कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

डॉ. ललित उप्रेती ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में पढ़ने-लिखने की संस्कृति विकसित करना और पर्यटन के नए स्थानों की ओर ध्यान आकर्षित करना है। पहला किताब कौतिक दिसंबर 2022 में टनकपुर में आयोजित हुआ था, जिसके बाद बैजनाथ, चंपावत, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, भीमताल, नानकमत्ता, रानीखेत, नई टिहरी, पंतनगर, गैरसैण और डीडीहाट में सफल आयोजन किए गए।

साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और रंगकर्मी देशभर से इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने हल्द्वानी पहुंचेंगे। हल्द्वानी किताब कौतिक पुस्तक प्रेमियों, बच्चों और युवाओं के लिए ज्ञान और मनोरंजन का एक अद्वितीय संगम साबित होगा।

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आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

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