मध्य प्रदेश
13 Mar, 2026

उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आगाज आज, 30 से अधिक देशों की फिल्में होंगी प्रदर्शित

उज्जैन में विक्रमोत्सव के तहत पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की शुरुआत आज से, जिसमें 30 से अधिक देशों की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।

उज्जैन,13 मार्च

मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रमोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार से पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव में दुनिया के 30 से अधिक देशों की फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे वैश्विक सिनेमा और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक डॉ. श्रीराम तिवारी ने बताया कि कालिदास अकादमी के अभिरंग सभागार में 13 से 17 मार्च तक “इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ एंशिएंट स्प्लेंडर” आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा।

उन्होंने बताया कि महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में भारत और विश्व के विभिन्न देशों की सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें हिंदी फीचर फिल्में, अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्में, वृत्तचित्र, विदेशी फीचर फिल्में तथा चयनित सबमिशन फिल्मों को शामिल किया गया है।

डॉ. तिवारी के अनुसार इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा, पौराणिक कथाओं और विश्व सभ्यताओं से जुड़े विषयों को प्रस्तुत करना है। इस आयोजन में विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, फिल्म निर्देशक, कलाकार और सांस्कृतिक विशेषज्ञ विशेष अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

महोत्सव के पहले दिन हिंदी फीचर फिल्मों में जय महादेव (1995), भारत मिलाप (1942), वामन अवतार (1955), राजा हरिश्चंद्र (1913) और माया मच्छिंद्र (1960) का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही गुजराती, तेलुगु, राजस्थानी, तमिल और बंगाली भाषाओं की फिल्मों का भी प्रदर्शन होगा।

डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में 84 महादेव, म्यसोन (वियतनाम का शिव मंदिर परिसर) और विक्रम या अयोध्या जैसी फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं विदेशी फीचर फिल्मों में इक्वाडोर, जर्मनी, वेनेजुएला और इजराइल सहित कई देशों की फिल्मों का प्रदर्शन भी होगा।

महोत्सव के आगामी दिनों में भी हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्में, वृत्तचित्र तथा अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का प्रदर्शन जारी रहेगा, जिससे दर्शकों को विभिन्न सभ्यताओं, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी कहानियों को देखने का अवसर मिलेगा।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।