रायपुर, 07 मार्च।
छत्तीसगढ़ सरकार ने अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर रुस्तम सारंग को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में प्रतिनियुक्ति पर सहायक संचालक की जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य सरकार ने खेल क्षेत्र में उनके अनुभव और उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण दायित्व दिया है।
रुस्तम सारंग ने अब तक 13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कुल पांच पदक जीते हैं, जिनमें चार स्वर्ण और एक कांस्य पदक शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन तथा उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से अन्य जिम्मेदारियों के कारण वे खेल प्रशिक्षण से दूर थे, जिससे कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण लेने में कठिनाई हो रही थी। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वे फिर से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। उन्हें यह दायित्व फरवरी के अंतिम सप्ताह में सौंपा गया है।
रुस्तम सारंग ने वर्ष 2005 में जूनियर एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और छत्तीसगढ़ के पहले अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर बने। इसके बाद उन्होंने 2006 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक तथा 2007 गुवाहाटी नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं। 2009 में मलेशिया, 2011 में दक्षिण अफ्रीका और 2012 में समोआ में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा पेरिस (2011) और कजाखस्तान (2014) में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने कई जूनियर और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीते और 2015 केरल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीद कौशल यादव खेल पुरस्कार, शहीद राजीव पांडेय खेल पुरस्कार और गुंडाधुर सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
रुस्तम सारंग छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। उन्होंने एसएआई (साई) पटियाला से स्पोर्ट्स कोचिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया है और कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया है। हाल ही में उन्होंने सक्रिय खेल से संन्यास की घोषणा भी की थी।



