राजनीति
31 Jan, 2026
किसानों को बाजार से कम दर उपलब्ध होंगे कृषि मशीनरी व यंत्र, आनलाइन होगी बुकिंग

बीकानेर, 31 जनवरी (हि.स.)। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) के कृषि यंत्र व मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र (एफ एम टी टी सी) द्वारा अब किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित किया जाएगा।
किसानों को बाजार से कम दर उपलब्ध होंगे कृषि मशीनरी व यंत्र, आनलाइन होगी बुकिंग
बीकानेर, 31 जनवरी (हि.स.)। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) के कृषि यंत्र व मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र (एफ एम टी टी सी) द्वारा अब किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर संचालित किया जाएगा।केंद्र के प्रभारी डॉ विक्रम योगी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के एफ एम टी टी सी (कृषि यंत्र व मशीनरी परीक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्र) में कस्टम हायरिंग सेंटर चलाने की सहमति दी गई है।इंजीनियर विपिन लड्ढा ने बताया कि एफ एम टी टी सी द्वारा फार्म मशीनरी एवं उपकरणों की टेस्टिंग की जाती है। टेस्टिंग के दौरान विभिन्न निर्माता फर्मों द्वारा उपलब्ध कराए गये आधुनिक कृषि यंत्र व मशीनें इस कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से क्षेत्र के किसानों को किराये पर उपलब्ध करवाए जाएंगे।इसके लिए किसान कस्टम हायरिंग केंद्र ऐप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर इस पर पंजीकरण करवाते हुए ऑनलाइन बुकिंग करवा सकते हैं। इस केंद्र द्वारा कृषकों को कृषि यंत्र एवं कृषि उपकरण किराये पर प्रचलित बाजार दर से कम दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। कस्टम हायरिंग केंद्र द्वारा किराए पर यंत्रों को उपलब्ध कराए जाने हेतु राज किसान साथी कस्टम हायरिंग केंद्र ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्यतः की जाएगी। यंत्रो के कृषि क्षेत्रफल का कृषकवार रिकॉर्ड संधारण भी अनिवार्य रूप से किया जाएगा।कुलगुरु प्रोफेसर डॉ राजेंद्र बाबू दुबे ने इस सेंटर के खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि में कस्टम हायरिंग सेंटर किसानों के लिए बेहद जरूरी होता है। विश्वविद्यालय के एफ एम टी टी सी मे 14 राज्यों के फार्म मशीनरी व उपकरण निर्माता कंपनियों द्वारा उपकरण टेस्टिंग के लिए लाए जाते हैं। हायरिंग सेंटर संचालित होने से किसानों को यहां प्रशिक्षण के साथ किराये पर उपकरण भी समुचित दर पर मिल सकेंगे। यह क्षेत्र के सैकड़ों किसानों के लिए लाभकारी विकल्प के रूप में उभरेगा।विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ देवाराम सैनी ने कहा कि केंद्र से क्षेत्र के किसानों को बहुत लाभ मिलेगा , साथ ही विश्वविद्यालय को राजस्व सृजन की दिशा में भी मदद मिलेगी।एसकेआरएयू में वर्ष 2012 से संचालित इस फार्म मशीनरी टेस्टिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर (एफ एम टी टी सी) की स्थापना भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के अधीन की गई। राष्ट्रीय कृषि विकास परियोजना के अन्तर्गत स्थापित यह केंद्र देशभर के ऐसे 33 केन्द्रों में से एक है। इंजी लड्ढा ने बताया कि विश्वविद्यालय को एफ एम टी टी सी से अब तक 15 करोड़ की आय प्राप्त हुई है। यह केंद्र मशीनरी टेस्टिंग के साथ किसानों, विद्यार्थियों तथा फार्म मशीनरी व यंत्र निर्माताओं को समय-समय पर संचालान रखरखाव से जुड़े प्रक्षिक्षण का कार्य भी करता है।