बेंगलुरु, 10 मार्च।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब देश के होटल उद्योग पर भी दिखाई देने लगा है। ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच संघर्ष के कारण वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से बेंगलुरु के होटल व्यवसायियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शहर के कई होटल गैस की कमी के चलते बंद होने की कगार पर हैं।
होटल संचालकों का कहना है कि एलपीजी की कमी से कॉफी, चाय, नाश्ता और भोजन जैसी सेवाओं पर असर पड़ेगा। होटल व्यवसाय पूरी तरह वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर करता है और गैस की आपूर्ति बाधित होने से होटल संचालन ठप पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
बेंगलुरु होटल मालिक संघ के अध्यक्ष पी.सी. राव ने मंगलवार को कहा कि गैस की कमी के कारण होटल उद्योग गंभीर संकट में है। उन्होंने बताया कि कई होटल संचालकों को पर्याप्त एलपीजी सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे संचालन में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
हालांकि केंद्र सरकार ने पहले दावा किया था कि देश में 60 से 70 दिनों तक का एलपीजी भंडार मौजूद है, इसके बावजूद वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति में आई बाधा ने होटल उद्योग की चिंता बढ़ा दी है। होटल एसोसिएशन ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।
होटल संचालकों ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से भी आग्रह किया है कि वे केंद्र सरकार से बातचीत कर वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति जल्द बहाल कराने का दबाव बनाएं, ताकि होटल उद्योग को राहत मिल सके।
इस मुद्दे पर बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी पहल की है। उन्होंने शहर के होटलों में एलपीजी सिलेंडरों की कमी को गंभीर बताते हुए इस मामले को केंद्र सरकार के संज्ञान में लाया।
सांसद ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया। पत्र में कहा गया कि होटल और रेस्टोरेंट उद्योग अपने दैनिक भोजन पकाने के लिए मुख्य रूप से वाणिज्यिक एलपीजी पर निर्भर है, इसलिए गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
तेजस्वी सूर्या ने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी जानकारी साझा करते हुए कहा कि बेंगलुरु के होटल उद्योग को राहत दिलाने के लिए केंद्र से जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।



