काठमांडू 24 फरवरी 2026।
काठमांडू के मूल निवासी माने जाने वाले नेवार समुदाय ने आज से रंगों के पर्व होली की औपचारिक शुरुआत कर दी है। राजधानी के वसंतपुर में होली के प्रतीक स्वरूप चीर खड़ा किया गया, जहां मंगलवार सुबह रंग-बिरंगे कपड़ों और झंडों से सुसज्जित तीन खंडों वाला चीर स्थापित किया गया, जिससे काठमांडू और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले नेवार समुदाय में होली उत्सव शुरू हो गया।
हनुमानढोका दरबार के दक्षिणी प्रांगण, ऐतिहासिक मोहनकाजी चौक और दाखचौक में 32 फुट ऊंचा गजुर जैसा दिखने वाला रंगीन तीन-खंडीय होली चीर स्थापित किया गया। चीर स्थापना के बाद गुर्जु की पलटन ने हर्षध्वनि की, जो इस धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा मानी जाती है।
चीर खड़ा होने के साथ ही राजधानी काठमांडू सहित पूरे देश में नेवार समुदाय में होली पर्व की शुरुआत मानी जाती है। नेपाल पंचांग निर्णायक समिति ने आज चीर स्थापना के लिए शुभ दिन घोषित किया था, जिसके अनुसार यह अनुष्ठान संपन्न हुआ।
होली पर्व की शुरुआत के प्रतीक के रूप में वसंतपुर में चीर खड़ा करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। इस पर्व को वसंत ऋतु के आगमन की खुशी में रंगों के साथ मनाया जाता है।
आज से फागुन पूर्णिमा तक नेवार समुदाय में होली खेलने की परंपरा जारी रहेगी। नेपाल के मिथिला क्षेत्र में सोमवार से ही होली की औपचारिक शुरुआत हो चुकी थी, जब मध्य परिक्रमा यात्रा के कंचनवन पहुंचने पर रंग और अबीर से होली खेली गई थी।



