नई दिल्ली, 03 मार्च 2026। दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले ने ‘ऑपरेशन मिलाप’ के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए लापता लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में सफलता पाई है। फरवरी माह (01 फरवरी से 28 फरवरी 2026) के दौरान पुलिस ने 118 लापता व्यक्तियों को खोजकर सुरक्षित उनके परिवारों को सौंपा। इनमें 31 नाबालिग बच्चे और 87 वयस्क शामिल हैं। वहीं 01 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक कुल 193 लापता लोगों (59 नाबालिग और 134 वयस्क) को तलाश कर परिजनों से मिलाया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही संबंधित थाने की टीम ने तुरंत खोजबीन शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और ऑटो व ई-रिक्शा स्टैंड, बस अड्डों तथा रेलवे स्टेशन पर फोटो दिखाकर पूछताछ की गई। बस चालकों, परिचालकों और स्थानीय दुकानदारों से भी जानकारी एकत्र की गई। मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए आसपास के थानों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी जांच की गई।
थाना-वार बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:
थाना वसंत विहार: 9 लापता (2 पुरुष, 7 महिलाएं)
थाना आर.के. पुरम: 1 नाबालिग बालक व 6 अन्य लापता
थाना साउथ कैंपस: 2 नाबालिग बालिकाएं व 1 पुरुष
थाना वसंत कुंज नॉर्थ: 2 नाबालिग बालिकाएं व 7 अन्य
थाना वसंत कुंज साउथ: 3 नाबालिग (1 बालक, 2 बालिकाएं) व 6 अन्य
थाना कापसहेड़ा: 9 नाबालिग (1 बालक, 8 बालिकाएं) व 15 अन्य
थाना पालम विलेज: 6 नाबालिग (1 बालक, 5 बालिकाएं) व 11 अन्य
थाना सागरपुर: 5 नाबालिग बालिकाएं व 11 अन्य
थाना दिल्ली कैंट: 1 महिला
थाना सरोजिनी नगर: 4 लापता
थाना एस.जे. एन्क्लेव: 1 नाबालिग बालिका व 13 अन्य
थाना किशनगढ़: 2 नाबालिग बालिकाएं व 3 अन्य।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन मिलाप के तहत संवेदनशील और पेशेवर ढंग से कार्रवाई करते हुए सभी को सकुशल बरामद किया गया। दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि लापता बच्चों और व्यक्तियों को सुरक्षित घर पहुंचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे अभियानों को और गति दी जाएगी, ताकि किसी परिवार को अपने प्रियजन की तलाश में लंबा इंतजार न करना पड़े।



