उमरिया, 23 फरवरी।
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में धान उपार्जन से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। नौगमा खरीदी केंद्र से भेजी गई 550 बोरी (220 क्विंटल) धान डेढ़ माह बाद भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंची है। करीब साढ़े छह लाख रुपये मूल्य की यह धान अब तक लापता है, जिससे तीन किसानों का भुगतान भी अटका हुआ है।
जिले में 44 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 25,522 किसानों से 16,18,244 क्विंटल धान खरीदी गई थी। धान परिवहन के लिए छतरपुर के परिवहनकर्ता पारस जैन को जिम्मेदारी दी गई थी। राज्य सरकार ने धान परिवहन में जीपीएस ट्रैकिंग और ओटीपी सत्यापन व्यवस्था लागू की थी।
जानकारी के अनुसार 7 जनवरी 2025 को ट्रक क्रमांक एमपी 04 जेडयू 7266 में 550 बोरी धान लोड की गई थी। इस धान में किसान लालमणि सिंह, विनीता पटेल और राजेंद्र पटेल की उपज शामिल थी। लेकिन धान न तो किसी गोदाम में पहुंची और न ही ओपन कैप स्थल पर दर्ज हुई।
जिला नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी प्रबंधक ने मामले की जांच शुरू करने और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने की बात कही है। वहीं सैकड़ों किसान भुगतान के लिए परेशान हैं।



