जर्मनी, 16 फ़रवरी।
नॉर्वे के विश्व नंबर एक शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहले आधिकारिक फिडे फ्रीस्टाइल विश्व चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को 2.5–1.5 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
वाइसेनहाउस में खेले गए चार गेम के फाइनल मुकाबले में कार्लसन ने चौथा और अंतिम गेम ड्रॉ खेलकर खिताब पक्का किया। 35 वर्षीय कार्लसन को निर्णायक मुकाबले में केवल ड्रॉ की आवश्यकता थी और उन्होंने बराबरी के एंडगेम में यह परिणाम हासिल किया। 33 वर्षीय कारुआना वापसी के कुछ अवसर भुना नहीं सके।
रविवार को खेले गए तीसरे गेम ने मैच का रुख बदल दिया। कार्लसन ने लगभग हारी हुई स्थिति से शानदार जीत दर्ज कर मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। यही जीत अंततः निर्णायक साबित हुई।
इस खिताब के साथ कार्लसन अब विभिन्न प्रारूपों में कुल 21 विश्व खिताब अपने नाम कर चुके हैं।
यह विश्व चैंपियनशिप फिडे और निजी आयोजक फ्रीस्टाइल चेस के सहयोग का परिणाम थी। यह इस प्रारूप में पहला आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त खिताब रहा। इससे पहले कार्लसन फिडे फिशर रैंडम विश्व चैंपियनशिप नहीं जीत पाए थे, इसलिए यह जीत उनके लिए खास मानी जा रही है।
कांस्य पदक मुकाबले में उज़्बेकिस्तान के नोडिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराया। अंतिम गेम ड्रॉ रहने के बावजूद अब्दुसत्तोरोव ने जीत सुनिश्चित की। कार्लसन, कारुआना और अब्दुसत्तोरोव अगले वर्ष होने वाली चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर गए हैं।
पांचवें स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में अमेरिका के हांस नीमन ने भारत के अर्जुन एरिगैसी को 2-0 से हराया। वहीं सातवें स्थान के लिए आर्मेनिया के लेवोन अरोनियन ने उज़्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को आर्मगेडन गेम में मात दी।
महिला प्रदर्शनी मुकाबले में कजाखस्तान की बिबिसारा अस्साउबायेवा ने स्विट्ज़रलैंड की अलेक्ज़ांद्रा कोस्टेनियुक को हराया। अंतिम मुकाबला ड्रॉ रहने के बाद भी अस्साउबायेवा विजेता रहीं।



