नई दिल्ली, 10 मार्च।
ग्लोबल प्रवासी कबड्डी लीग (जीपीकेएल) के दूसरे सत्र की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आगामी सत्र के लिए देश के प्रमुख कबड्डी केंद्रों में खिलाड़ियों की स्काउटिंग यानी प्रतिभा खोज की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है। मजबूत और प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों का समूह तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा रही है।
लीग के आयोजकों ने जानकारी दी कि स्काउटिंग प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों का आकलन उनके तकनीकी कौशल, शारीरिक फिटनेस, रणनीतिक समझ और मुकाबले के दौरान मानसिक संतुलन जैसे मानकों के आधार पर किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को बाद में केंद्रीय खिलाड़ी ड्राफ्ट पूल में शामिल किया जाएगा। पुरुष और महिला दोनों वर्गों की टीमों के लिए खिलाड़ी ड्राफ्ट की संरचना पहले ही निर्धारित कर दी गई है। प्रत्येक फ्रेंचाइजी से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के संतुलित संयोजन के साथ टीम तैयार करने की अपेक्षा की जा रही है।
स्काउटिंग प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए जीपीकेएल सीजन-2 के लिए खिलाड़ी ड्राफ्ट प्रक्रिया की निगरानी कर रहे कार्तिक दम्मू ने बताया कि लीग के लिए मजबूत और प्रतिस्पर्धी प्रतिभा समूह तैयार करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “कई प्रमुख कबड्डी अकादमियों के माध्यम से खिलाड़ियों की स्काउटिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हम देश के पारंपरिक कबड्डी क्षेत्रों से प्रतिभाओं की पहचान कर रहे हैं। पुरुष और महिला दोनों टीमों के लिए ड्राफ्ट संरचना तय होने के बाद हमारा ध्यान संतुलित टीमों के गठन पर है, जिसमें घरेलू खिलाड़ियों की मजबूती के साथ उभरती अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को भी स्थान दिया जाएगा।”
लीग की यह संरचना प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ उभरते कबड्डी देशों को इस खेल के पेशेवर तंत्र से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जीपीकेएल सीजन-2 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक फ्रेंचाइजी अपने बैनर तले दो टीमें मैदान में उतारेगी। यह पहल लीग की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वह कबड्डी को दोनों वर्गों में प्रोत्साहित करने और इस खेल की वैश्विक पहुंच को और मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत है। आगामी सत्र में यूरोप, अफ्रीका और एशिया के कई देशों के खिलाड़ियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।



