नई दिल्ली, 06 फरवरी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वी नागालैंड के विकास के लिए हुए त्रिपक्षीय समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और लोगों के लिए अवसरों के नए द्वार खुलेंगे। यह समझौता एक दिन पहले केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और पूर्वी नागालैंड पीपल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के बीच संपन्न हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, “यह वास्तव में एक ऐतिहासिक समझौता है। यह विशेष रूप से पूर्वी नागालैंड के विकास को गति देगा। मुझे विश्वास है कि इससे क्षेत्र के लोगों के लिए समृद्धि और अवसरों के नए रास्ते खुलेंगे। यह पूर्वोत्तर में शांति, प्रगति और समावेशी विकास के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उल्लेखनीय है कि यह समझौता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो की उपस्थिति में हुआ। समझौते के तहत नागालैंड के छह जिलों—तुएनसांग, मोन, किफिरे, लोंगलेन्ग, नोकलाक और शमाटोर—के लिए फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीटीए) के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत एफएनटीटीए को 46 विषयों से संबंधित प्रशासनिक शक्तियां सौंपी जाएंगी।
समझौते में एफएनटीटीए के लिए एक अलग सचिवालय की व्यवस्था की गई है, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे। साथ ही, जनसंख्या और क्षेत्रफल के अनुपात में पूर्वी नागालैंड क्षेत्र के लिए विकास बजट साझा करने का प्रावधान भी शामिल है। स्पष्ट किया गया है कि यह समझौता संविधान के अनुच्छेद 371(ए) के प्रावधानों को किसी भी प्रकार से प्रभावित नहीं करता।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह दिन विवाद-मुक्त पूर्वोत्तर की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ऐसे पूर्वोत्तर की परिकल्पना की है, जो उग्रवाद, हिंसा और विवादों से मुक्त तथा विकासशील हो। आज इस सपने को साकार करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है।
अमित शाह ने कहा कि 11 वर्ष पहले उत्तर-पूर्व में सशस्त्र समूहों और अंतरराज्यीय विवादों के कारण शांति भंग हो रही थी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने हर विवाद के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक मोदी सरकार उत्तर-पूर्व में 12 महत्वपूर्ण शांति एवं विकास समझौते कर चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह अमित शाह की इसी विषय पर की गई पोस्ट को भी पुनः साझा किया।



