शिमला, 03 मार्च 2026।
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस शिमला ने एक और आदतन तस्कर पर सख्त कार्रवाई की है। राज्य सरकार के डिटेंशन आदेश का पालन करते हुए पुलिस ने प्रेम राज उर्फ आईडी मैहता उर्फ संतोष मैहता को पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत नजरबंद कर तीन महीने के लिए जिला सुधार गृह कैथू, शिमला भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक सोमवार शाम थाना ननखड़ी की टीम ने आरोपी को उसके गांव जगोट (ननखड़ी) से विधि अनुसार हिरासत में लिया। यह कदम राज्य सरकार के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन और नशा तस्करी पर कठोर नियंत्रण की नीति के अंतर्गत उठाया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है।
रिकॉर्ड के अनुसार प्रेम राज के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत पूर्व में भी कई प्रकरण दर्ज हैं और उसे अब तक चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें दो मामलों में न्यायालय उसे दोषी ठहरा चुका है, जबकि दो मामले अभी विचाराधीन हैं। वर्ष 2012 में थाना रामपुर में उसके पास से 300 ग्राम चरस बरामद हुई थी, जिसमें वह दोषसिद्ध हुआ था। वर्ष 2018 में थाना ननखड़ी में 107 ग्राम चरस बरामदगी के मामले में भी उसे दोषी ठहराया गया था। इसके अतिरिक्त 2023 में 9.93 ग्राम चरस और 2024 में 18.59 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामदगी के मामले अदालत में लंबित हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की बार-बार नशा तस्करी में संलिप्तता को देखते हुए लोकहित और जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर उसके खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई आवश्यक समझी गई। इस प्रावधान के तहत आदतन तस्करों को भविष्य में अपराध से रोकने के उद्देश्य से नजरबंद किया जाता है।
जिला पुलिस शिमला के अनुसार, पिछले लगभग एक महीने में 24 आदतन और संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर तीन-तीन महीने के लिए जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत अभियान निरंतर जारी रहेगा।



