नई दिल्ली, 16 मार्च।
कैलिफोर्निया में रविवार को खेले गए प्रतिष्ठित इंडियन वेल्स 2026 टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में इटली के स्टार खिलाड़ी यानिक सिनर ने रूस के दानिल मेदवेदेव को 7-6(6), 7-6(4) से पराजित करते हुए पहली बार इंडियन वेल्स का खिताब जीत लिया।
कैलिफोर्निया के रेगिस्तानी मौसम में खेले गए इस मुकाबले में सिनर ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा। मैच के दौरान उन्होंने 28 विनर्स और 10 ऐस लगाए, जबकि नेट पर खेले गए सभी आठ अंकों में भी सफलता प्राप्त की।
इस जीत के साथ सिनर इतिहास के ऐसे तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने सभी छह एटीपी मास्टर्स 1000 हार्ड-कोर्ट खिताब जीतने का गौरव हासिल किया है। इस उपलब्धि के साथ वह टेनिस के महान खिलाड़ियों नोवाक जोकोविच और रोजर फेडरर के खास क्लब में शामिल हो गए हैं।
यह इस वर्ष का उनका पहला खिताब है। साथ ही वह 1990 के बाद पहले ऐसे खिलाड़ी भी बन गए हैं जिन्होंने लगातार दो मास्टर्स 1000 खिताब बिना एक भी सेट गंवाए अपने नाम किए हैं। पिछले वर्ष पेरिस में जीते खिताब से शुरू हुई उनकी जीत की लय इस श्रेणी में 11 मैचों तक पहुंच चुकी है।
मुकाबले का हाल
पहला सेट बेहद रोमांचक रहा। मेदवेदेव ने आक्रामक शुरुआत करते हुए सिनर पर लगातार दबाव बनाए रखा और स्कोर 6-5 तक पहुंचा दिया। हालांकि सिनर ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले को टाईब्रेक तक पहुंचा दिया। टाईब्रेक में इतालवी खिलाड़ी अधिक सटीक साबित हुए और 7-6(6) से पहला सेट अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में भी दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। सिनर ने पांचवें गेम में बिना कोई अंक गंवाए ब्रेक लेते हुए 3-2 की बढ़त बना ली। लेकिन मेदवेदेव ने वापसी करते हुए स्कोर 6-6 कर दिया और मैच एक और टाईब्रेक में पहुंच गया।
टाईब्रेक में मेदवेदेव ने 4-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन सिनर ने शानदार वापसी करते हुए लगातार अंक हासिल किए और 7-4 से टाईब्रेक जीतकर मैच और खिताब दोनों अपने नाम कर लिए।
मैच के बाद सिनर ने कहा, “मैं पूरे समय अपने ऊपर भरोसा बनाए रखने की कोशिश करता रहा और अपने शॉट्स खेलने पर ध्यान दिया। अगर तीसरा सेट होता तो मुकाबला बराबरी से शुरू होता, इसलिए मैंने मैच को यहीं समाप्त करने की पूरी कोशिश की और इस जीत से बेहद खुश हूं।”
मेदवेदेव का शानदार सफर
मेदवेदेव ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल दिखाया था। सेमीफाइनल में उन्होंने विश्व नंबर-एक कार्लोस अल्काराज़ को हराकर बड़ा उलटफेर किया और ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन की सीजन में चली आ रही 16 मैचों की जीत की लय भी समाप्त कर दी थी। हालांकि इंडियन वेल्स में यह उनका तीसरा फाइनल था और इस बार भी उन्हें उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा।



