पुष्कर, 11 मार्च।
विप्र फाउंडेशन का 18वां राष्ट्रीय परिषद् अधिवेशन 15 मार्च को तीर्थराज पुष्कर में आयोजित किया जाएगा। इस अधिवेशन में देश के विभिन्न हिस्सों से संगठन के प्रतिनिधि भाग लेकर संगठनात्मक और सामाजिक विषयों पर चर्चा करेंगे।
संस्था के संगठन महामंत्री डॉ. सीए सुनील शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिवेशन रविवार सुबह 11 बजे पारीक आश्रम में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शाम चार बजे शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ परिसर में संकल्प सभा का आयोजन होगा।
उन्होंने बताया कि संगठन के लगातार विस्तार को ध्यान में रखते हुए अधिवेशन में सिस्टम आधारित संचालन, संगठनात्मक अनुशासन और मजबूत संरचना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। इसके साथ ही सदस्यता अभियान को सुदृढ़ बनाने, दायित्वयुक्त नियुक्तियों की प्रक्रिया, एक परिवार से एक ही पद के सिद्धांत और युवा प्रकोष्ठ की आयु सीमा जैसे विषयों के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की जाएगी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष परमेश्वर शर्मा ने बताया कि परशुराम ज्ञानपीठ (जयपुर) और परशुराम कुंड (अरुणाचल प्रदेश) में स्थापित की जा रही 54 फीट ऊंची पंचधातु की ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ सहित संगठन के प्रमुख प्रकल्पों की पूर्णता की समयसीमा और उनके उद्घाटन कार्यक्रम के स्वरूप पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा ‘गुरुजी’ ने कहा कि अधिवेशन में ब्राह्मण सभ्यता और परंपरा की विशेषताओं पर शोध कर उन्हें विभिन्न माध्यमों से व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रचार-प्रसार के लिए नए प्रकल्पों पर भी मंथन किया जाएगा।
संस्था के महामंत्री पवन पारीक ने बताया कि अधिवेशन के दूसरे सत्र में महायज्ञ स्थल पर संकल्प सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी प्रतिनिधि सामूहिक रूप से 108 गायत्री मंत्रों का जाप करेंगे। इस अवसर पर प्रखर महाराज का विशेष संबोधन भी होगा।



