गुलमर्ग (जम्मू-कश्मीर), 17 फरवरी।
बर्फ से ढकी पहाड़ियों, देवदार के पेड़ों और पीर पंजाल की गुलाबी सुबह के बीच गुलमर्ग एक बार फिर खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 का मंच बनने जा रहा है। 23 से 26 फरवरी तक यहां देशभर के खिलाड़ी भाग लेंगे। इससे पहले पहला चरण 20 से 26 जनवरी तक लद्दाख में संपन्न हुआ था।
गुलमर्ग लगातार छठे वर्ष विंटर गेम्स की मेज़बानी कर रहा है, जिसके कारण इसे भारत की विंटर स्पोर्ट्स कैपिटल कहा जाने लगा है। इस चरण में कुल चार पदक स्पर्धाएं होंगी: स्की माउंटेनियरिंग, अल्पाइन स्कीइंग, नॉर्डिक स्कीइंग (क्रॉस-कंट्री) और स्नोबोर्डिंग। करीब 400 खिलाड़ी इसमें भाग लेंगे, सबसे ज्यादा संख्या अल्पाइन स्कीइंग में होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन को “नए खेल आत्मविश्वास का प्रतीक” बताया था। 8700 फीट की ऊंचाई पर खिलाड़ियों के लिए चुनौती बड़ी है, लेकिन वे जोश और धैर्य के साथ तैयार हैं। जम्मू, केरल, पुणे, इंदौर और हैदराबाद से आए युवा खिलाड़ी भी इस मंच पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। सेना की टीम अपने टीम चैंपियनशिप खिताब की रक्षा करेगी।
चार दिन तक गुलमर्ग की बर्फीली ढलानों पर पदक की जंग होगी, और यह स्थल अब सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि देश का प्रमुख शीतकालीन खेल केंद्र बन चुका है।



