काठमांडू 24 फरवरी 2026।
बालेंद्र शाह (बालेन) ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के चुनावी घोषणा पत्र से नेपाल-चीन मैत्री औद्योगिक पार्क से जुड़े मुद्दे को हटा दिया है। झापा के दमक में चीन के बड़े निवेश से बन रहे इस प्रोजेक्ट को उन्होंने अपने चुनावी एजेंडे में शामिल नहीं किया। बालेन झापा-5 क्षेत्र से केपी शर्मा ओली को चुनौती दे रहे हैं।
यह परियोजना चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) योजना का हिस्सा है। फरवरी 2021 में ओली ने झापा जिले में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। यह मेगा परियोजना ओली के निर्वाचन क्षेत्र झापा-5 में स्थित है, जिसके कारण यह क्षेत्र देश और विदेश दोनों जगह चर्चा में रहा है।
पांच मार्च को होने वाले चुनाव से पहले दोनों नेताओं ने अपने-अपने चुनावी एजेंडे जारी किए हैं। ओली ने अपने 41 सूत्रीय प्रतिबद्धता पत्र में औद्योगिक पार्क निर्माण पूरा करने का वादा किया है, जबकि बालेन ने इसे अपने घोषणा पत्र से बाहर रखा है। उनके सहयोगी कुमार व्यंजनकार ने कहा कि विवादों को देखते हुए इसे शामिल नहीं किया गया।
परियोजना समिति के अध्यक्ष गोविंद थापा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि परियोजना में देरी का कारण घरेलू समस्या नहीं बल्कि विदेशी बाधाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्क रोजगार और उत्पादन बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है, न कि हथियार निर्माण के लिए। उन्होंने बालेन और आरएसपी पर विदेशी निवेश का विरोध करने का आरोप भी लगाया।
यह परियोजना नेपाल-भारत सीमा के पास संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्र के करीब है, जिसे सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कई विशेषज्ञ भारत की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नेपाल को संतुलित नीति अपनाने की सलाह देते रहे हैं।
परियोजना का निर्माण ल्हासा आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी विकास क्षेत्र जिंगपिंग संयुक्त निर्माण कंपनी कर रही है। निवेश बोर्ड नेपाल ने 64 अरब रुपये के चीनी निवेश को मंजूरी दी है। यह पार्क लगभग 2200 बीघा क्षेत्र में पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां 26 चीनी कंपनियां संचालन की प्रतिबद्धता जता चुकी हैं।



