सूरत, 26 फरवरी 2026।
सूरत के हजीरा स्थित आर्सेलर मित्तल निप्पोन स्टील (एएम/एनएस) प्लांट परिसर में वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। सुबह से चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तोड़फोड़ करते हुए कई वाहनों में आग लगा दी। प्लांट साइट पर तैनात लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) के हजारों कर्मचारी अचानक काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में हालात बेकाबू हो गए। प्रदर्शनकारियों ने प्लांट परिसर में खड़ी दस से अधिक गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। फायर फाइटर वाहनों और दोपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। प्रवेश और निकास गेट पर लगी आधुनिक मशीनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्लांट का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए कर्मचारियों ने कार्यालय में घुसकर फर्नीचर और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचाया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हरियाणा के पानीपत में एक कर्मचारी की मौत से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ गया, जिससे प्रदर्शन भड़क उठा।
एएम/एनएस इंडिया कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि एल एंड टी द्वारा नियुक्त श्रमिकों के एक समूह ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया है। कंपनी और एल एंड टी प्रबंधन श्रमिकों के साथ बातचीत कर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है। कंपनी ने कहा कि गुजरात सरकार द्वारा लेबर कोड लागू करने के बाद उसे तुरंत लागू किया जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



