सूरत, 27 फरवरी 2026।
सूरत के हजीरा स्थित एएम/एनएस कंपनी में हुई हिंसक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है। गुरुवार को एलएंडटी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों द्वारा किए गए पथराव और तोड़फोड़ के बाद किसी भी नई हिंसा को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में औद्योगिक इकाइयों के आसपास सघन सुरक्षा घेरा बनाया गया है और कॉम्बिंग ऑपरेशन लगातार जारी है।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार सुबह भी घटना का असर देखने को मिला, जब 50 से अधिक एलएंडटी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी फिर से एकत्रित होने की कोशिश करने लगे। हालांकि पहले से तैनात पुलिस बल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी को वहां से हटा दिया और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया।
जांच में सामने आया है कि हिंसा भड़काने में सोशल मीडिया की भूमिका भी सामने आई है। हरियाणा के पानीपत में हुए श्रमिक आंदोलन के वीडियो व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स में वायरल कर कर्मचारियों को उकसाने की कोशिश की गई। कुछ मैसेज में पुलिस को निशाना बनाने की बात भी सामने आई है, जिसके बाद साइबर सेल इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए है।
गुरुवार की हिंसा के दौरान हुए पथराव में डीसीपी शेफाली बरवाल समेत कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने 40 से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल लोकेशन के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
डीसीपी ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट सक्रिय है और भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे हजीरा क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।



