शिमला, 28 फरवरी 2026।
एआई इम्पैक्ट समिट प्रकरण को लेकर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक रणधीर शर्मा ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि 20 फरवरी को दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया अर्धनग्न प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला था, क्योंकि कार्यक्रम में सौ से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन भारत सरकार का था, किसी राजनीतिक दल का नहीं।
शर्मा ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे मुख्यमंत्री की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की परंपराओं की अनदेखी करते हुए आरडीजी मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठाया और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाने की संवैधानिक प्रक्रिया को नजरअंदाज किया।
उन्होंने बताया कि 16 मार्च से शुरू हुए बजट सत्र में परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने आरडीजी पर सरकारी संकल्प लाकर तीन दिन तक चर्चा करवाई और 18 फरवरी को प्रस्ताव पारित होने के बाद सदन स्थगित कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री या उनके मंत्रियों ने आरडीजी बहाली को लेकर प्रधानमंत्री या वित्त मंत्री से मुलाकात की।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को हिमाचल सदन में ठहराया गया और कमरों की बुकिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से करवाई गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद उन्हें हिमाचल लाया गया और चिड़गांव क्षेत्र में ठहराया गया। जब दिल्ली पुलिस न्यायालय की अनुमति लेकर आरोपियों को वापस ले जा रही थी, तब हिमाचल पुलिस द्वारा उन्हें रोका गया और संबंधित पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की गई, जो राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई प्रतीत होती है।
भाजपा ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, ताकि मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका स्पष्ट हो सके। पार्टी का कहना है कि हिमाचल प्रदेश शांतिप्रिय और देशभक्त प्रदेश है तथा जनता और सदन को गुमराह करना अक्षम्य है।



