रायपुर,14 फरवरी।
प्राकृतिक सौंदर्य, झरनों की कलकल ध्वनि, घने वनों की हरियाली और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से समृद्ध बस्तर अंचल अब पर्यटन विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। वर्षों से लंबित विकास योजनाओं पर अब चरणबद्ध तरीके से आधारभूत और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
राज्य शासन और पर्यटन विभाग के समन्वित प्रयासों से बस्तर के पर्यटन परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देने लगा है। विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेवाड़ा, बारसूर, नारायणपुर और कोंडागांव सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों तक सड़क संपर्क को बेहतर किया गया है। पर्यटकों की सुविधा हेतु सुव्यवस्थित पार्किंग, पेयजल, आधुनिक शौचालय, विश्राम शेड, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ किया गया है।
साथ ही, पर्यटकों के मार्गदर्शन हेतु सूचना केंद्र और हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। प्रमुख स्थलों पर आकर्षक व्यू-पॉइंट, सेल्फी जोन और सौंदर्यीकरण कार्य से स्थलों की भव्यता बढ़ी है। जगदलपुर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटकों को आवास, स्थानीय भ्रमण, गाइड सुविधा और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है।
पर्यटन विकास का सबसे सकारात्मक प्रभाव स्थानीय युवाओं के रोजगार पर पड़ा है। गाइड प्रशिक्षण, आतिथ्य सेवा, साहसिक पर्यटन गतिविधियाँ और होम-स्टे योजनाओं से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। स्थानीय हस्तशिल्प, बेलमेटल कला, टेराकोट और जनजातीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता अभियान, प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र, हरित पट्टी विकास और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों से बस्तर की प्राकृतिक पहचान सुरक्षित रखी जा रही है।
सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के लिए बस्तर दशहरा, मड़ई महोत्सव और लोकनृत्य आयोजन आयोजित किए जा रहे हैं। दीर्घकालीन मास्टर प्लान के तहत भविष्य में साहसिक पर्यटन, इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ और धार्मिक पर्यटन को और सशक्त बनाने की दिशा में भी काम जारी है।
स्थानीय नागरिकों, व्यवसायियों और पर्यटकों ने इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि बस्तर आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।
बस्तर पर्यटन अब नई ऊर्जा, नई सोच और समन्वित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रहा है। सुविधाओं के विस्तार और सतत विकास से न केवल पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय समाज और अर्थव्यवस्था को भी स्थायी लाभ मिलेगा।



