
एक माननीय साहब कभी मंत्री रहते हुए राजधानी में ऐसा दरबार लगाते थे कि सुबह से शाम तक फरियादियों और समर्थकों की लाइन लगी रहती थी, लेकिन अब भोपाल फीका-फीका लगने लगा...
पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6