रायपुर, 10 फरवरी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 से 9 फरवरी तक छत्तीसगढ़ में आयोजित बस्तर पंडुम को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जनजातीय विरासत का भव्य उत्सव बताया है। उन्होंने इस आयोजन से जुड़े सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा संदेश में कहा कि बस्तर पंडुम जैसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने का भी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि कभी बस्तर का नाम माओवाद, हिंसा और विकास में पिछड़ेपन से जोड़ा जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बस्तर शांति, विकास और स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कामना की कि बस्तर का भविष्य शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से परिपूर्ण रहे।
प्रधानमंत्री के संदेश पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर आज सांस्कृतिक गौरव और समावेशी विकास के सशक्त केंद्र के रूप में नई पहचान स्थापित कर रहा है।



