बाराबंकी, 10 मार्च।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध होने के बावजूद सामान्य मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड महिला चिकित्सक डॉ. पूजा गुप्ता द्वारा किया जा रहा है, लेकिन पेट से संबंधित अन्य समस्याओं से पीड़ित मरीजों—चाहे वे पुरुष हों या महिलाएं—की जांच नहीं हो पा रही है।
रामनगर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन तो मौजूद है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं होने के कारण सामान्य मरीजों का परीक्षण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में पेट दर्द, किडनी, पथरी और अन्य बीमारियों से परेशान मरीजों को मजबूरी में निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि जब सरकारी अस्पताल में मशीन उपलब्ध है तो फिर सभी मरीजों को उसका लाभ मिलना चाहिए। फिलहाल गर्भवती महिलाओं की जांच तो हो रही है, लेकिन अन्य मरीजों को बिना जांच के ही वापस लौटना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति कर दी जाए तो क्षेत्र के हजारों मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है और उन्हें निजी केंद्रों पर महंगी जांच कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी प्रणव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही व्यवस्था होने पर मरीजों को इस समस्या से राहत मिलेगी।



