बाराबंकी, 10 मार्च।
लखनऊ–गोंडा–बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघराघाट स्थित संजय सेतु में तकनीकी खामी सामने आने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी है। पुल पर बढ़ते गैप और दरार को देखते हुए बाराबंकी और बहराइच प्रशासन ने ट्रक, डंपर, कंटेनर और अन्य लोडिंग वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध लगाया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक जरवल संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गैस, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े वाहनों को सीमित रूप से पुल से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित कर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार संजय सेतु पर लगा इंस्पेक्शन जॉइंट टूटकर नीचे गिर गया है, जिससे पुल के हिस्से में गैप काफी बढ़ गया है। स्थिति को संभालने के लिए अस्थायी तौर पर बालू की बोरियां रखी गईं, लेकिन ज्यादा अंतर होने के कारण वे टिक नहीं पा रही हैं। किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए प्रशासन ने भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों के मुताबिक यह पुल क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, बलरामपुर, श्रावस्ती और नेपाल की ओर आवागमन होता है। इसलिए फिलहाल सावधानी के तौर पर छोटे वाहनों, बसों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही गुजरने दिया जा रहा है।
विभागीय जानकारी के अनुसार पुल में कुल 124 बेयरिंग बदलने का कार्य प्रस्तावित है और इसे 11 मार्च से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यह कार्य नदी के नीचे से किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मई–जून में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से पहले नीचे के सभी जरूरी कार्य पूरे करने का प्रयास किया जाएगा।
पुल के ऊपर स्थित इंस्पेक्शन जॉइंट का स्थायी निर्माण कार्य प्लाटून पुल बनने के बाद किया जाएगा। इसके लिए कुछ समय के लिए पुल पर यातायात पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है, इसलिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाएगी। फिलहाल प्रशासन और तकनीकी दल लगातार पुल की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और जल्द सुरक्षित आवागमन बहाल किया जा सके।



