लखनऊ, 07 मार्च।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देश के पूर्व गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री ‘भारत रत्न’ पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री योगी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत को भारत मां का महान सपूत, स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानी, कुशल अधिवक्ता और सक्षम प्रशासक बताया। उन्होंने कहा कि पंत जी के कार्य और विचार आज भी समाज और शासन के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने अपने कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के विकास और प्रशासनिक सुधारों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए, जिनका प्रभाव आज भी दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंत जी का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, जो उस समय संयुक्त प्रांत का हिस्सा था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने वकालत छोड़कर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। वर्ष 1937 में देश की स्वतंत्रता से पहले उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रीमियर चुना गया था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में पंत जी ने राज्य के विकास की मजबूत नींव रखी और एक दूरदर्शी सोच प्रस्तुत की। उसी दृष्टि का अनुसरण करते हुए आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत ने देश के गृह मंत्री के रूप में भी उल्लेखनीय सेवाएं दीं और राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में उनकी अहम भूमिका रही। देश की स्वतंत्रता और जनसेवा में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 1957 में उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार और विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।



