लखनऊ , 11 फरवरी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में निवेश, रोजगार, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के लिए 10 लाख रोजगार सृजन के लक्ष्य के साथ 43,000 करोड़ रुपये की नई योजनाओं की घोषणा की गई।
वित्त मंत्री ने बताया कि नीति आयोग के एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश लैंड-लॉक्ड राज्यों में प्रथम रहा है। प्रदेश गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में अग्रणी है। सिंचित क्षेत्र 2016-2017 के 2.16 करोड़ हेक्टेयर से बढ़कर 2024-2025 में 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है, जबकि फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत पहुंची है।
ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट से बढ़कर 9,120 मेगावॉट हो गई है। प्रदेश में 2,815 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। वर्ष 2024-2025 में जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई, जो 13.4 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये आंकी गई है, जो 2016-2017 की तुलना में दोगुने से अधिक है, जबकि 2025-2026 में इसके 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है।
सरकार के अनुसार, लगभग छह करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाया गया है और बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत रह गई है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स में प्रदेश की रैंकिंग 29वें से सुधरकर 18वें स्थान पर पहुंची है।
फरवरी 2024 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत करीब 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, जिनसे 10 लाख रोजगार संभावित हैं। अब तक 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह संपन्न हुए हैं।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र है, जहां कुल उत्पादन का 65 प्रतिशत होता है। देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। स्टार्टअप रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को ‘लीडर श्रेणी’ में स्थान मिला है।



