लखनऊ, 19 फ़रवरी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लगातार दमनकारी नीतियां अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर सरकार ने अपनी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाई, जिसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।
गौरतलब है कि 17 फरवरी को मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे, तब पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज कर कई कार्यकर्ताओं सहित कांग्रेस नेताओं को घायल किया।
इसके विरोध में आज अजय राय की अध्यक्षता में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय, लखनऊ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह कर सरकार की कार्रवाई के खिलाफ विरोध जताया। इस मौके पर राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी, उ0प्र0 कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना', विधायक वीरेंद्र चौधरी, रूद्र दमन सिंह बबलू और अमित श्रीवास्तव त्यागी सहित कई नेता उपस्थित रहे।
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस हमेशा महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए अन्याय के खिलाफ संघर्ष करती रही है और आगे भी करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार दमनकारी कार्रवाई बंद नहीं करती, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार किसान और मजदूर विरोधी है और देश की लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ कार्य कर रही है। वर्तमान में सरकार मदरसों की जांच करा रही है, जो केवल तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा है।
इस अवसर पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रदर्शन से दो दिन पहले से ही पुलिस द्वारा कानूनी नोटिस, हाउस अरेस्ट और रास्तों में रोकने जैसी कार्रवाई यह दिखाती है कि सरकार कांग्रेस से भयभीत है और अपनी विफलता को छुपाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही है।
सत्याग्रह में पूर्व विधायक सतीश अजमानी, इन्दल रावत, फूल कुंवर, पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, कैप्टन बंशीधर मिश्रा, राजेशसिंह काली, अरशी रजा, मुनीष चौधरी, पुष्पेन्द्र सिंह, निहारिका सिंह, ललन कुमार, जितेन्द्र सिंह, रज्जन आचार्च और एफ.एस. चर्चिल उपस्थित रहे।



