कठुआ, 20 फरवरी।
जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य कर्मियों ने ढाई दिन की वेतन कटौती के आदेश के खिलाफ शुक्रवार को जीएमसी कठुआ और जिला अस्पताल कठुआ में दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जम्मू कश्मीर हेल्थ एम्पलाइज फेडरेशन के बैनर तले किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार से तत्काल आदेश वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि कोरोना महामारी और अन्य आपात परिस्थितियों में उन्हें "भगवान का दर्जा" देते हुए सम्मानित किया गया था, लेकिन अब उनके मेहनताने में कटौती का निर्णय अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वे दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं और गजेटेड छुट्टियों, रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी निभाते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हाल ही में डायरेक्टर फाइनेंस की अधिसूचना के तहत स्वास्थ्य कर्मियों के ढाई दिन के वेतन में कटौती करने का आदेश जारी किया गया है, जिससे पूरे जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य कर्मियों में नाराजगी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस, फॉरेस्ट और पीएचई, बिजली विभाग के कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य कर्मी भी 24 घंटे सेवाएं देते हैं और आपात परिस्थितियों में तुरंत ड्यूटी पर उपस्थित रहते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वेतन कटौती का आदेश वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की कि उनके समर्पण और सेवाओं को ध्यान में रखते हुए यह आदेश तुरंत वापस लिया जाए और कर्मचारियों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।



