काठमांडू, 02 मार्च 2026
नेपाल के काठमांडू सहित पहाड़ी जिलों में रंगों का पर्व होली मनाया जा रहा है, लेकिन इस बार सार्वजनिक आयोजनों पर रोक होने के कारण उत्साह कुछ कम नजर आ रहा है। सरकार ने होली के अवसर पर पहाड़ी जिलों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। हालांकि, चुनाव और सुरक्षा कारणों से कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। हर वर्ष फाल्गुण शुक्ल पूर्णिमा पर पहाड़ी और हिमाली जिलों में तथा अगले दिन तराई और भीतरी मधेश में होली मनाने की परंपरा रही है।
इस बार 5 मार्च को होने वाले मतदान के कारण सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर एकत्र होकर होली खेलने पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति और सुरक्षा बनाए रखें तथा सामाजिक मर्यादा का पालन करें।
जारी बयान में कहा गया है कि पर्व के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा, झगड़ा, मादक पदार्थों का सेवन कर सार्वजनिक व्यवस्था भंग करना, किसी की इच्छा के बिना रंग या पानी फेंकना, जबरदस्ती रंग लगाना और अत्यधिक उत्तेजना में भागदौड़ करने जैसी गतिविधियों से बचना चाहिए। जिला अधिकारी ने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
चुनाव को ध्यान में रखते हुए देशभर में शराब की बिक्री और सेवन पर भी पहले से ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है, जिससे इस बार होली का उत्साह अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहा है। होटलों, रिसॉर्ट और अन्य स्थानों पर भी सार्वजनिक होली कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपने घरों में ही होली मनाने की अपील की है।
इस बार होली मनाते समय राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह और उम्मीदवारों की तस्वीर वाले कपड़े, टी-शर्ट, कमीज और गमछा जैसे परिधानों के उपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।



