पश्चिम बंगाल
11 Mar, 2026

एलपीजी संकट से सार्वजनिक परिवहन प्रभावित, ऑटो किराया बढ़ने पर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

कोलकाता में एलपीजी संकट का असर सार्वजनिक परिवहन पर दिखने लगा है। कई रूटों पर ऑटो किराया बढ़ने से यात्रियों को आर्थिक बोझ और लंबा इंतजार झेलना पड़ रहा है।

कोलकाता, 11 मार्च।

रसोई गैस (एलपीजी) की कमी का प्रभाव अब केवल घरों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। राज्य के विभिन्न इलाकों से ऑटो रिक्शा का किराया बढ़ाने की खबरें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कई रूटों पर बिना सरकारी स्वीकृति के मनमाने ढंग से किराया बढ़ाया जा रहा है।

यात्रियों के अनुसार गड़िया–बारुईपुर, सोनारपुर–गड़िया, बारुईपुर–जुलपिया और बारुईपुर–दक्षिण बरासात समेत कई मार्गों पर किराया पांच से 10 रुपये या उससे अधिक तक बढ़ा दिया गया है। अचानक किराया बढ़ने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

यात्रियों का कहना है कि पहले जहां उन्हें 15 से 17 रुपये तक किराया देना पड़ता था, वहीं अब 25 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। जब यात्री इसका विरोध करते हैं तो चालक ईंधन की बढ़ती कीमतों को इसकी वजह बताते हैं और कहते हैं कि किराया बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई है।

दूसरी ओर कई ऑटो चालकों ने भी स्वीकार किया है कि वे अतिरिक्त किराया ले रहे हैं। उनका कहना है कि हाल के दिनों में गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और कई पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ऐसे में उन्हें अधिक कीमत देकर ईंधन खरीदना पड़ रहा है, जिसकी भरपाई के लिए किराया बढ़ाना पड़ रहा है।

ऑटो चालकों का कहना है कि पहले गैस 70 से 75 रुपये प्रति लीटर तक मिलती थी, जबकि अब इसके लिए 120 से 150 रुपये प्रति लीटर तक भुगतान करना पड़ रहा है। इसके चलते कई मार्गों पर ऑटो की संख्या भी घट गई है।

ऑटो यूनियन के नेताओं का कहना है कि वे मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन बढ़ती लागत के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है।

इस बीच ऑटो की संख्या कम होने से यात्रियों को लंबी कतारों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं कई चालकों ने गैस की कमी के कारण फिलहाल ऑटो चलाना बंद कर दिया है, जिससे परिवहन व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।