जम्मू, 07 मार्च।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने कार्य अनुबंधों से संबंधित बिल जमा करने की प्रक्रिया को लेकर एक नया परिपत्र जारी किया है। इसके तहत सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे भुगतान प्रक्रिया के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन करें और कार्य निष्पादन में इस्तेमाल सभी सामग्रियों के बिलों को समय पर और विधिवत जमा करना सुनिश्चित करें।
वित्त विभाग के परिपत्र में कहा गया है कि कई मामलों में ठेकेदार सामग्री और उपभोग्य वस्तुओं की खरीद बीओक्यू (BOQ) में निर्दिष्ट मात्रा और विशेषताओं के अनुरूप नहीं करते हैं या बिना उचित दस्तावेज़ीकरण के खरीदारी करते हैं, जिससे राजस्व को नुकसान हो सकता है। इसके तहत डीडीओ को बिलों की प्रक्रिया में वैध चालान और दस्तावेज़ प्राप्त करना, सामग्री और सेवाओं की अनुबंध विशेषताओं से संगतता सत्यापित करना, और जीएसटी नियमों के अनुपालन की जांच करना अनिवार्य होगा। चालान में GSTIN, चालान संख्या, तिथि, माल या सेवाओं का विवरण, कर योग्य मूल्य और कर राशि का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि लेखापरीक्षा और सत्यापन के लिए ठेकेदार के बिल के साथ चालानों की सत्यापित प्रतियां रिकॉर्ड में रखी जाएंगी और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बिना कोई भुगतान जारी नहीं किया जाएगा।


