मुंबई, 14 मार्च
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मनाप्पुरम फाइनेंस पर 2.70 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने यह कार्रवाई कंपनी द्वारा कुछ नियामकीय निर्देशों के पालन में पाई गई कमियों के चलते की है।
आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निर्देशों के उल्लंघन और उससे जुड़े पत्राचार की जांच के आधार पर कंपनी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कंपनी से पूछा गया था कि निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन न करने के लिए उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
कंपनी द्वारा दिए गए लिखित जवाब और मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद रिजर्व बैंक ने पाया कि मनाप्पुरम फाइनेंस ने कुछ प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों को देय वेरिएबल वेतन का भुगतान तय समय से पहले ही पूरा कर दिया था।
हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह जुर्माना केवल नियामकीय प्रावधानों के पालन में हुई कमियों के आधार पर लगाया गया है। इसका उद्देश्य कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर निर्णय देना नहीं है।
आरबीआई ने यह भी कहा कि मौद्रिक जुर्माना लगाने का अर्थ यह नहीं है कि भविष्य में कंपनी के खिलाफ अन्य आवश्यक नियामकीय कार्रवाई नहीं की जा सकती।



