बैंकिंग व वित्त
14 Mar, 2026

नियामकीय निर्देशों की अनदेखी पर मनाप्पुरम फाइनेंस पर आरबीआई की कार्रवाई, 2.70 लाख रुपये का जुर्माना

आरबीआई की जांच में मनाप्पुरम फाइनेंस द्वारा नियामकीय निर्देशों के पालन में कमी सामने आई। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने कंपनी पर 2.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

मुंबई, 14 मार्च

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मनाप्पुरम फाइनेंस पर 2.70 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने यह कार्रवाई कंपनी द्वारा कुछ नियामकीय निर्देशों के पालन में पाई गई कमियों के चलते की है।

आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया कि निर्देशों के उल्लंघन और उससे जुड़े पत्राचार की जांच के आधार पर कंपनी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में कंपनी से पूछा गया था कि निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन न करने के लिए उस पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।

कंपनी द्वारा दिए गए लिखित जवाब और मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद रिजर्व बैंक ने पाया कि मनाप्पुरम फाइनेंस ने कुछ प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों को देय वेरिएबल वेतन का भुगतान तय समय से पहले ही पूरा कर दिया था।

हालांकि, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि यह जुर्माना केवल नियामकीय प्रावधानों के पालन में हुई कमियों के आधार पर लगाया गया है। इसका उद्देश्य कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर निर्णय देना नहीं है।

आरबीआई ने यह भी कहा कि मौद्रिक जुर्माना लगाने का अर्थ यह नहीं है कि भविष्य में कंपनी के खिलाफ अन्य आवश्यक नियामकीय कार्रवाई नहीं की जा सकती।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।